सोहरौल में धौंस नदी के किनारे पर ध्वस्त हुई सुरक्षा दीवार की नही हुई मरम्मति

पिछले साल आयी बाढ़ में ध्वस्त हो गयी थी महाराजी बांध पर बनी सुरक्षा दीवार

बाढ़ की चपेट में आने से तीन सौ फीट में हुआ था कटाव

क्षतिग्रस्त बांध दे रहा तबाही को दावत, लोग में भय व्याप्त

बेनीपट्टी के सोहरौल में धौंस नदी के किनारे पर महाराजी बांध पर ध्वस्त हुए सुरक्षा दीवार

बेनीपट्टी : प्रखंड में बहनेवाली अधवारा समूह के धौंस नदी का करहारा पंचायत के सोहरौल गांव में महाराजी बांध पर बनी सुरक्षा दीवार पिछले साल आयी बाढ़ में ध्वस्त हो गयी थी. जिसकी अब तक मरम्मति नही की जा सकी है. सुरक्षा दीवार अब तक क्षतिग्रस्त रहने से दर्जनों गांव के लोगों में अभी से ही भय का माहौल बनने लगा है और संभावित बाढ़ की तबाही की कल्पना कर ही सिहर रहे हैं. कई लोगों ने कहा कि धौंस नदी के किनारे पर क्षतिग्रस्त हुए सुरक्षा दीवार की मरम्मति शीघ्र ही नही की गयी तो आगामी बाढ़ और बरसात के दौरान एक दर्जन से अधिक गांवों में तबाही का मंजर दिखना तय है. ऐसी स्थिति में कई गांव के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगेगा. नदी के धारा की प्रबलता सोहरौल गांव के ठीक सामने पड़ता है और उसके अगल-बगल में भी कई गांव है. ऐसे में कई गांवों का डूबना स्वाभाविक है.

ADVERTISEMENT

मुखिया प्रतिनिधि देवेंद्र यादव, पूर्व मुखिया भोगेंद्र मंडल, वार्ड सदस्य विनोद यादव और पंसस मो. सदरे आलम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2018 में मनरेगा योजना के तहत नदी के उफनती प्रबल धारा की चपेट से बचाव को लेकर तकरीबन दस लाख रुपये की लागत से सुरक्षा दीवार का निर्माण से कराया गया था, जो बीते वर्ष बाढ़ के पानी का धारा की प्रबलता के कारण दीवार का अधिकांश भाग क्षतिग्रस्त होकर बह गया और जो शेष बचा वह भी ध्वस्त हो चुका है. गांव की सुरक्षा के लिये स्थानीय जनप्रतिनिधियों के द्वारा प्रशासन को आवेदन देकर स्थिति से अवगत कराया जा चुका है. ग्रामीणों की मानें तो पूरे बांध में करीब तीन से चार जगहों पर खतरनाक ढंग से कटाव है, जिसकी मरम्मति होना अतिआवश्यक है, अन्यथा अब बाढ़ आयी तो जान माल की भारी क्षति हो सकती है. इस कटाव से करहारा, सोहरौल, बिरदीपुर, समदा, उच्चैठ, बेतौना, गुलरिया टोल, रानीपुर सहित करीब एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित होगा. मानसून आगमन की स्थिति बन रही है. प्रशासन को उक्त स्थल को सर्वाधिक डेंजर पॉइंट के रूप में चिन्हित कर सुरक्षा दीवार को और मजबूत करने की दिशा में पहल करने की जरूरत थी. हर बार बाढ़ आने पर प्रशासन हाय तौबा मचाती है लेकिन बाढ़ पूर्व बचाव की कोई तैयारी करती नही दिखती है. दीवार की मरम्मति तो दूर अब तक बांध पर मिट्टी भी नही दी जा सकी है.

ADVERTISEMENT

बता दें कि प्रखंड का करहारा पंचायत चारों तरफ से अधवारा समूह के नदियों से घिरा हुआ एक टापू की तरह है. जहां हर साल बाढ़ में इस पंचायत की स्थिति काफी नाजूक हो जाती है. खासकर, सोहरौल व डीह टोल की आवाजाही भी पूरी तरह से प्रभावित हो जाती है. गांव के लोगों को तीन से चार महीने नाव से मुख्य सड़क तक पहुंचने की विवशता बनी रहती है. इस संबंध में पूछे जाने पर बीडीओ मनोज कुमार ने बताया कि स्थानीय लोगों से जानकारी लेकर वरीय अधिकारी को इस समस्या के संबंध में अवगत कराया जायेगा और समस्या के निदान का पहल किया जायेगा.

Leave a Reply

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: