उपेक्षा का शिकार है स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों का शिलापट्ट

शिलापट्ट का घेराव कर चबूतरा निर्माण करने का प्रस्ताव की संचिका धूल फांक रहा

बेनीपट्टी प्रखंड मुख्यालय में उपेक्षा का शिकार स्वतंत्रता सेनानियों का नाम लिखा शिलापट्ट

बेनीपट्टी : प्रखंड के हर गली मुहल्ले में एक ओर जहां गणतंत्रता दिवस समारोह की जमकर तैयारी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रखंड कार्यालय परिसर में लगे स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों और सेनानियों का शिलापट्ट आज भी घास फूस के बीच बुत बना खड़ा समारोह की तैयारियों पर सवाल खड़ा कर रहा है.

बीते वर्षों में शिलापट्ट का घेरावा करने और चबूतरा निर्माण सहित नये सिरे से जीर्णोद्धार किये जाने का प्रस्ताव स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारी को लेकर अनुमंडल कार्यालय परिसर में आयोजित बैठक में सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया था. लेकिन अब तक इस दिशा में कोई पहल नही किया जा सका और स्वतंत्रता सेनानियों का नाम लिखा शिलापट्ट अब भी उपेक्षा का शिकार है.

बता दें कि शनिवार से ही समारोह मनाये जाने को लेकर विभिन्न जगहों पर कई दिन पहले से साफ सफाई और रंगरोगन आदि की तैयारियां की जा रही है. सभी कार्यालय परिसर में झंडोतोलन हेतु बने गोलंबर को तिरंगे रंगों से रंगरोगण करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है. लेकिन शिलापट्ट के साज सज्जा की कोई जहमत नही उठायी जा रही है. जबकि अनुमंडल मुख्यालय में प्रखंड क्षेत्र के सभी स्वतंत्रता सेनानियों या उनके परिजनों को हर साल इस तरह के राष्ट्रीय त्योहारों पर सम्मानित किया जाता रहा है और ऐसे त्योहारों पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में आम लोग भी उक्त शिलापट्ट पर माल्यार्पण भी करते हैं.

अब सवाल यह है कि शिलापट्ट के पास अगर ऐसे दिनों में भी साफ सफाई करना उचित नही समझा जा रहा है तो फिर सेनानियों को सम्मानित करने का भला क्या औचित्य हो सकता है. कई लोगों ने बताया कि अगर सही मायनों में स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को सम्मानित किया जाता है तो यह भी आवश्यक है कि उनके शिलापट्ट के आस पास भी साफ सफाई कर आकर्षक ढंग से साज सज्जा कर उसका सम्मान किया जाये.

शिलापट्ट के पास न केवल घास फूस और जंगल जंगलात ही उग आते हैं बल्कि पास में ही कूड़े कचरों का भी अंबार भी जमा हो जाता है. इन दिनों प्रखंड कार्यालय से इस शिलापट्ट के समीप होते हुए पशु चिकित्सा कार्यालय तक जानेवाली सड़क में मिट्टीकरण कराया जा रहा है. जिसके कारण शिलापट्ट पर स्वतंत्रता सेनानियों का नाम अंकित कुछ भाग मिट्टी में ढंकने के कगार पर पहुंच चुका है.

जो स्वतंत्रता सेनानियों के लगे इन शिलापट्ट की गरिमा पर प्रश्न खड़े कर रहे हैं. शिलापट्ट का घेरावा और चबूतरा निर्माण कर जीर्णोद्धार करने की जरुरत है. अब देखना दिलचस्प होगा कि समारोह तक भी किसी अधिकारियों या जनप्रतिनिधियों की इस शिलापट्ट की दुर्दशा पर नजरें इनायत हो पाती है या नही.

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