देवी देवताओं का प्रतिमा प्रवाह लोगो ने अश्रुपूर्ण नेत्रों के साथ किया

बिस्फी : शारदीय नवरात्रा के अवसर पर सुख शांति व समृद्धि की कामना के लिए नौ दिनों तक लोगो ने शक्ति की अधिष्ठात्री देवी दुर्गे की पूजा अर्चना की। उपासना के बाद दशमे दिन विसर्जन की प्रक्रिया के बाद पूजा पंडालों में बनी मां दुर्गा सहित अन्य देवी देवताओं का प्रतिमा प्रवाह लोगो ने अश्रुपूर्ण नेत्रों के साथ किया।

इस दौरान लोगो ने सुख शांति व समृद्धि की कामना के लिए मां के दरबार में मत्थे टेके। पंडितो के द्वारा मंत्रोचार के साथ विसर्जन के बाद कलश स्थापित जयंती को धारण किया। सिमरी स्थित दुर्गा मंदिर में विसर्जन की प्रक्रिया शुरू होते ही महिला भक्तों के द्वारा सोहर -समदाउन गीत के गायन से लोग भाव विभोर हो रहे थे।

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उत्सवी वातावरण पर उदासी का घटा छाने लगी। फिर अश्रुपूरित नेत्रों से लोगो ने मंदिर परिसर स्थित पवित्र सरोवर में प्रतिमा का जल प्रवाह किया। विसर्जन के समय खासकर महिलाओं की भीड़ काफी जुट गयी। शांति व्यवस्था व कोविड-19 के गाइड लाइन के अनुपालन को लेकर पूजा कमिटी के अध्यक्ष अरुण चंद्र मिश्र, सचिव गोपाल मिश्र, अनिल झा सदस्य, पैक्स अध्यक्ष विश्वजीत मिश्र, कुणाल मिश्र, अतुल मिश्र, पप्पू, सोनू, अविनाश मिश्र सहित अन्य लोगो काफी तत्पर दिखे।

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सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी काफी चौकस था। इसके अलावे दुलहा, परसौनी, सकराढ़ी, धेपुरा, बिस्फी, चहुटा, सिंगिया सहित अन्य मंदिरों एवं पूजा पंडालों में निर्मित मां दुर्गे तथा बिभिन्न देवी देवताओं की प्रतिमा को मां की जयकारे के साथ पवित्र सरोवर या नदियों में जल प्रवाह की गयी। वही अंकुरित भगवती जफरा, भोजपन्डौल, रघौली, पिंडी स्वरूपा भवगती सलेमपुर व तेघड़ा में मां की दर्शन को लेकर भक्तों का तांता लगा रहा।

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