सरकार की हठधर्मिता से नाराज सेविकाओं ने लिया सरकार के पक्ष में मतदान नही करने का निर्णय

  • मौन धारण कर शहीद सेविका और उनके परिजनों को दी श्रद्धांजलि
  • हर वर्ष 14 सितंबर को सेविका शहादत दिवस मनाने का भी लिया निर्णय
फोटो:- साहरघाट के रामजानकी मंदिर परिसर में आयोजित सभा में श्रद्धांजलि देतीं व सामूहिक शपथ लेतीं सेविका व सहायिकायें

मधवापुर (मधुबनी): प्रखंड के साहरघाट स्थित रामजानकी मंदिर परिसर में बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन एटक की प्रखंड इकाई द्वारा प्रखंड अध्यक्ष रीता देवी की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि सह संकल्प सभा का आयोजन किया गया. जिसमें कार्यक्रम की शुरुआत में सभी सेविका और सहायिकाओं ने दो मिनट का मौन धारण कर बीते 14 सितंबर को पटना में आहूत राज्य कार्यकारिणी की बैठक से लौट रहीं फुलपरास प्रखंड की सेविका प्रमिला भारती और लौकही प्रखंड की सेविका काजल गुप्ता की मासूम बेटी और देवर की सड़क हादसे में हुए निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट कीं और मृतात्मा की शांति के लिये दो मिनट का मौन धारण कर ईश्वर से प्रार्थना कीं.

फोटो:- साहरघाट के रामजानकी मंदिर परिसर में आयोजित सभा में श्रद्धांजलि देतीं व सामूहिक शपथ लेतीं सेविका व सहायिकायें

सभी सेविकाओं ने कहा कि प्रमिला बहन ने अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए सेविकाओं और सहायिकाओं के लिये अपनी कुर्बानी दे दीं. वहीं काजल बहन ने भी अपनी बेटी और देवर की कुर्बानी दीं है. ये सभी श्रद्धा व आदर सम्मान के साथ सदैव याद की जायेंगीं. खासकर प्रमिला अपनी कर्मठता के लिये प्रखंड में जानी जाती थीं. इसके बाद एक संक्षिप्त विचार गोष्ठी आयोजित कर हड़ताल के ताजा स्थिति पर विचार करते हुए कई निर्णय लिया गया. गोष्ठी में हर साल 14 सितंबर को सेविका बलिदान दिवस के रुप में मनाने का प्रस्ताव पारित किया गया.

साथ ही सेविकाओं और सहायिकाओं ने सामूहिक रुप से संकल्प लिया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने तक सरकार अगर सेविका व सहायिकाओं की मांगें नही मान लेती है तो सभी सेविका और सहायिकायें सरकार के पक्ष में मतदान नही करेंगीं. ऐसी स्थिति में सेविका और सहायिकायें विपक्ष के पक्ष में मतदान करेंगीं या नोटा बटन दबायेंगी. साथ ही आम लोगों को भी मतदान के दौरान ऐसा ही करने को प्रेरित करने का काम भी करेंगीं.

बता दें कि सरकारी कर्मी का दर्जा देने सहित अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर 31 अगस्त से ही अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं लेकिन राज्य सरकार सेविका सहायिकाओं की मांगों पर अब तक अनसुनी करती रही है. मौके पर कविता कुमारी, कमलेश कुमारी, उषा रानी, पुष्पा झा, ललिता भारती, अनामिका कुमारी, कुमारी साधना, रेणु देवी, संगीता कुमारी, शर्मिला देवी, शायरा बेगम, किरण कुमारी, रुबी कुमारी, रीता कुमारी, संध्या कुमारी, मंजू कुमारी, सुनीति सिंह, अंगूरी खातून, राम उद्गार महतो, संजीव कुमार व शिवशंकर महतो सहित अन्य लोग भी मौजूद थे.

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