हरलाखी थाना गेट के सामने से बेरोकटोक हो रही है खाद की तस्करी

हरलाखी : कोरोना महामारी को लेकर इंडो-नेपाल बॉर्डर सील रहने के बावजूद खाद की तस्करी इनदिनों बड़े पैमाने पर हो रही है। हरिने-इठरवा बॉर्डर, जटही-पिपरौन, फुलहर-गंगौर, उमगांव-दुर्गापट्टी व दिघीया-दिग्घी बॉर्डर समेत सभी बॉर्डर पर खाद व काली मिर्च समेत विभिन्न सामानों की तस्करी चरम सीमा पर हो रही है। इतना ही नहीं हरलाखी थाना के गेट के सामने से बेरोकटोक हरिने-इठरवा बॉर्डर पर खाद की तस्करी हो रही है।


सूत्रों के मुताबिक उमगांव बाजार चौक के एक खाद दुकान से हरिने-इठरवा बॉर्डर पर तस्करी के लिए बाइक से खाद भेजी जाती है। प्रतिदिन काफी संख्या में बाइक से खाद बॉर्डर पर तस्करी के लिए भेजा जाता है। सोमवार को थाना गेट के सामने से हर दो मिनट में बाइक पर दो दो बोरी खाद पास हो रहा था। तस्करी का नजारा कैमरे में भी कैद जो गया। पूछने पर बाइक चालकों ने बताया कि बॉर्डर पर खाद पहुंचाने के लिए प्रति खेप के हिसाब से पैसे दिए जाते हैं। बॉर्डर पर खाद जमा होने के बाद नदी के रास्ते से खाद नेपाल भेजा जाता है।

सूत्रों की मानें तो तस्करी के इस धंधे में बड़े तस्कर गिरोह सक्रिय है। जिसके तार मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर व दिल्ली के बड़े तस्कर गिरोह से जुड़े हैं। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक दिघीया बॉर्डर, फुलहर बॉर्डर व हरिने बॉर्डर पर तस्करी का धंधा काफी लंबे से चल रहा है। जिसकी कई तरह के वीडियो सोशल मीडिया में भी वायरल हो रही है। एसएसबी जवानों का कहना है कि हमारी डयूटी के समय तस्करी नहीं होती है। खुली सीमाएं हैं और जवानों का स्ट्रेंथ भी कम है। जिससे बॉर्डर के सभी संदिग्ध रास्तों पर एक ही समय मे नाका गश्ती नहीं लगाई जा सकती है।

हालांकि इस संबंध में थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि खाद तस्करी के खिलाफ छापेमारी कर कार्रवाई की जाएगी।

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