शोषण का आरोप लगा सीडीपीओ के खिलाफ सेविका ने खोला मोर्चा

  • जबरन सेविका के हाथ से मोबाइल छीनकर भेजी जाती है गलत रिपोर्ट
  • ऑफिस में कभी नहीं रहती सीडीपीओ

हरलाखी: सीडीपीओ पुष्पा कुमारी के खिलाफ प्रखंड की सेविकाओं ने मोर्चा खोल दिया है। सेविकाओं ने सीडीपीओ पर शोषण करने का आरोप लगाया है। इस समस्या को लेकर सेविका संघ की प्रखंड अध्यक्ष उषा मिश्रा ने उमगांव स्थित बाल विकास कार्यालय के नए भवन में बैठक कर पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि सीडीपीओ की शोषण कार्यप्रणाली के खिलाफ बीडीओ को आवेदन सौंप न्याय की गुहार लगाई है।

उन्होंने कहा कि कोरोना माहमारी के कारण सभी पंचायतों से एक एक सेविका को बैठक में बुलाकर सीडीपीओ के खिलाफ प्रस्ताव रखा गया है। वर्ष 2016 का मानदेय 6 माह का नहीं मिला है। जब से सीडीपीओ ने हरलाखी में योगदान दिया है अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं रहती है। फ़ोन करने पर मानदेय के बारे में पूछते ही फ़ोन काट देती है। मोबाइल सीमा रिचार्ज का पैसा, ड्रेस का पैसा वर्ष 2018 व 19 का बांकी है। गोदभराई, अन्नप्राशन व मई माह से पोषाहार नहीं मिल रहा है।

चयनमुक्त करने की धमकी देकर मोबाइल से गलत रिपोर्ट भेजने का दवाब सीडीपीओ द्वारा बनाया जाता है। पीएम कन्या उत्थान के पैसा भी किसी को नहीं मिला है। कार्यालय के स्टाफ सतीश कुमार सेविकाओं के साथ से जबरन मोबाइल छीनकर टीएचआर का गलत रिपोर्ट भेज दिया जाता है। सेविकाओं का शोषण किया जा रहा है। इतना ही नहीं एकरारनामा बनाने के बावजूद किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र का किराया नहीं दिया गया है। जिससे मकान मालिक से मारपीट हो जाती है।

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि सीडीपीओ अपने लिए निजी वाहन का इस्तेमाल करती है। उसके गाड़ी का ड्राइवर भी उसका भाई ही है। जो एक सरकारी पदाधिकारी के लिए नियमों के विपरीत है। बैठक में उषा मिश्रा, मीना कुमारी, सुमन कुमारी, रुणा देवी, इंद्रा कुमारी, आशा कुमारी समेत कई सेविकाएं मौजूद थीं।

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