एक अदद सड़क के लिए आजादी के बाद से ही बाट जोह रहे हैं सलहा गांव के लोग

सड़क निर्माण की आस में पथरा गयी ग्रामीणों की आंखे

फोटोः-बेनीपट्टी का पहिपुरा से सलहा गांव जानेवाली जर्जर ग्रामीण सड़क

बेनीपट्टी: प्रखंड क्षेत्र के सलहा गांव के लोग आज भी सड़क व पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. सलहा गांव की दो किलोमीटर की दूरी में बनी उभरखाभर वाली पगडंडीनूमा कच्ची जर्जर सड़क सरकार के विकास के तमाम दावें की पोल खोल रही है. यहां के लोगों की महज एक अदद सड़क के लिए आखें पथरा चुकी है. लेकिन अब तक इस गांव को यहां पक्की सड़क नसीब नही हो सकी है. बता दें कि बाढ़ व बरसात के दिनों में लोगों को गांव से निकलना भी दुष्कर हो जाता है.

खासकर ऐसे वक्त में वैसे आपातकालीन गंभीर बिमारियों को जिनको त्वरित इलाज की जरुरत होती है, उन्हें बिना नाव के या खाट पर लादकर मुख्य सड़क तक नही पहुंचाया जा सकता है. जबकि यह सड़क बेनीपट्टी और मधवापुर प्रखंड को परस्पर जोड़ने का भी काम करती है. मुखिया गुलाब ठाकुर, वार्ड सदस्या सुदामा देवी ग्रामीण गणेश मंडल, रुपेश कुमार यादव, नचारी मंडल, दिलीप यादव, सुभाष यादव, बजरंगी यादव, रामभरोस यादव, रोहित मंडल, दिलीप यादव, केवल मंडल, संतोष कुमार सुमन, राजेश यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि इस सड़क की जर्जरता इतनी बढ़ चूकी है कि इस पर पांव पैदल चलना भी मुश्किल हो चूका है.

खासकर बारिश व बाढ़ के समय इस पर चार से पांच फीट उचाई में पानी जमा रहने के कारण यह सड़क दो से तीन महीनों तक बिल्कुल बंद ही हो जाती है और हमलोंगो को नांव के सहारे आने जाने की नौबत आ जाती है. कई बार अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायक व सांसद से सड़क व जर्जर पूल निर्माण के जीर्णोद्धार को लेकर गूहार लगायी जा चुकी है पर परिणाम अब तक सिफर ही रहा है.

बताते चलें कि 90 के दशक में बिस्फी के पूर्व विधायक सह सलहा गांव निवासी रामचंद्र यादव के पहल पर ग्रामीणों के सहयोग से पगडंडी को चलने लायक कामचलाउ सड़क बनायी गयी थी. जो कुछ ही दिन के बाद जर्जर हो गयी. फिर पूर्व विधायक रामाशीष यादव ने वर्ष 2004 में श्रमदान से ही इस गांव के लिये सड़क व पूल को चलने लायक बनवाया था लेकिन फिर कुछ ही दिन बीतने के बाद सड़क की स्थिति जस की तस हो गयी.

जबकि चंद कदमों की दूरी पर ही हरलाखी के पूर्व विधायक शालिग्राम यादव और निवर्तमान विधायक सुधांशु शेखर का भी घर है और सलहा गांव अब हरलाखी विधानसभा का अंग भी बन चुका है. हरलाखी विधानसभा का अंग बनने के बाद भी इन दोनों ही विधायक को प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला लेकिन दोनों ही इस सड़क निर्माण और गांव के विकास के प्रति उदासीन रहे. लोगों ने कहा कि इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में उक्त सड़क निर्माण गांव का अहम मुद्दा बना हुआ है और वोट मांगनेवाले सत्तारूढ़ व विपक्षी दलों के सभी नेताओं से इसका जबाब मांगा जायेगा.

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