माधोपुर अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में लोगों को नहीं मिल रहीं स्वास्थ्य सुविधाएं

बेनीपट्टी: प्रखंड के माधोपुर गांव स्थित 20 बेड के बृजहरि अस्पताल में संसाधनों का घोर अभाव है। अस्पताल खुद इलाज की बाट जोह रही है। इस अस्पताल की बदहाली के कारण दर्जनों गांवों के लोगों को चिकित्सा सुविधा में परेशानी का सामना करना पड़ता है। बृजहरि अस्पताल की स्थापना 1981 में हुई थी। उस समय इस अस्पताल में तीन एमबीबीएस चिकित्सक पदस्थापित थे, लेकिन वर्तमान में यहां एकमात्र आयुष चिकित्सक डॉ. मंजर आलम पदस्थापित हैं।

हालांकि, इस अस्पताल के भवन की चमक दमक देखने से अंदाजा लगाना मुश्किल है कि इसकी चिकित्सा व्यवस्था इतनी बदहाल है कि स्थानीय लोग स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं। अस्पताल के दो मंजिल के भवन में कुल दस कमरे हैं। कहने को यह बीस बेड का अस्पताल है, लेकिन समस्याओं का अंबार है। यहां चिकित्सकों का टोटा तो है ही, कंपाउंडर, ड्रेसर, माली, कक्ष सेविका, भंडार लिपिक के पद भी कई वर्षो से रिक्त पड़े हैं।

चुनावी माहौल में लोगों की यह समस्या बड़ा चुनावी मुद्दा बन चुका है। लोग अब अपने नेताओं से सवाल पूछने लगे हैं। वे जानना चाहते हैं कि आखिर कब उन्हें समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होगी।

अस्पताल के भरोसे 40 हजार की आबादी :

इस अस्पताल पर करीब 40 हजार की आबादी अपनी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भर है। लेकिन, अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था का सामुचित प्रबंध नहीं रहने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीमार मरीजों के लिए इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है। अस्पताल में दवा की घोर कमी रहने के कारण बीमार मरीजों को पीड़ा का दंश झेलना पड़ता है।

प्रखंड के पश्चिम क्षेत्र के बररी, माधोपुर, विशनपुर, फुलवरिया, रजवा, धनुषी, रजघट्टा, बाजीतपुर, सिड़वारा, नवगाछी सहित एक दर्जन गांव के लोग बीमार पड़ने पर चिकित्सा के लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र माधोपुर पहुंचते हैं, लेकिन यहां से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।

एक आयुष चिकित्सक के सहारे अस्पताल :

बररी गांव के समाजसेवी रमेश चंद्र मिश्र, राहुल कुमार, मुकेश मिश्रा, जितेंद्र कुमार, सियाराम महतो, शीतल महतो, कमल महतो, शीतल साह, रामगुलाम साह आदि कहते हैं कि अस्पताल में सुविधाओं का घोर अभाव है। एक आयुष चिकित्सक के सहारे यह अस्पताल चल रहा है। डॉक्टर सप्ताह में तीन दिन आते हैं। दवा का भी अभाव रहता है। यहां डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी की घोर कमी है। बीमार लोगों को इलाज के दौरान परेशानी होती है।

सप्ताह में तीन दिन ही मिलते चिकित्सक :

पीएचसी बेनीपट्टी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एसएन झा ने बताया कि बृजहरि अस्पताल अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र, माधोपुर में डॉ. मंजर आलम प्रतिनियुक्त हैं, लेकिन उनकी ड्यूटी कोविड के कारण पीएचसी बेनीपट्टी में लगाई गई है। फिर भी सप्ताह में तीन दिन माधोपुर अस्पताल में ड्यूटी करते हैं। भाजपा महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष सह जिला परिषद खूशबू कुमारी ने सरकार एवं प्रशासन से माधोपुर अस्पताल में डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को पदस्थापित कर मरीजों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

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