निजी क्लीनिक में ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत

परिजनों ने क्लीनिक संचालक पर लगाया लापरवाही का आरोप

उमगांव सीएचसी के बगल स्थित निजी क्लीनिक में हुई घटना

सीएचसी प्रभारी ने कहा दबंग लोग अवैध रूप से चला रहे हैं क्लीनिक, नोटिस के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई, पहले भी हो चुकी है घटनाएं

हरलाखी: प्रखंड मुख्यालय उमगांव में अवैध निजी क्लिनिकों में मरीजों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। उमगांव सीएचसी के बगल स्थित निजी क्लीनिक जानकी सेवा सदन में एकबार फिर एक प्रसूता की मौत हो गई। मृत महिला की पहचान हरलाखी गांव के बीरता टोल निवासी सोनेलाल मंडल की 20 वर्षीय पत्नी मालती देवी के रूप में हुई है।

मृतक के परिजनों ने बताया कि महिला को प्रसव कराने के लिए उमगांव सीएचसी में भर्ती कराया गया था। लेकिन वहां प्रसव कराने वाले चिकित्सक के नहीं होने के कारण आशा कर्मी के कहने पर प्रसूता को बगल के निजी क्लिक जानकी सेवा सदन में भर्ती कराया गया। जहां क्लीनिक संचालक ने प्रसव कराने के लिए प्रसूता का ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के दौरान संचालक की लापरवाही के कारण प्रसूता का अधिक रक्त स्राव होने लगा।

जिससे क्लीनिक में ही प्रसूता की मौत हो गई। उसके बाद क्लीनिक संचालक ने परिजनों को झांसा देकर शव को ऑक्सीजन लगा दिया और दरभंगा रेफर कर दिया।
गुरुवार को अहले सुबह ही घटना से आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने क्लीनिक में घुसकर हो हंगामा भी किया। हालांकि बाद में हरलाखी पंचायत के मुखिया दयानंद झा व अन्य जनप्रतिनिधियों की पहल पर हंगामा शांत कराया गया और मुआवजा देने की बात पर तत्काल मृतक के परिजन व क्लीनिक संचालक के बीच सुलह की गई। क्लीनिक संचालक ने बताया कि परिजनों का आरोप गलत है। तीन दिन पूर्व मरीज को लाया गया था। जिसे दरभंगा रेफर कर दिया गया। मरीज कोरोना पीड़ित था। दरभंगा में मरीज की कोरोना जांच भी हुई थी।

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नोटिस के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई
पहले भी हो चुकी है घटनाएं:- उक्त अवैध निजी क्लीनिक में पहले भी कई घटनाएं हो चुकी है। नोटिस के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं पा रही है। सीएचसी के बगल में कई फर्जी निजी क्लीनिक अवैध रूप से चल रहे हैं। करीब एक दर्जन से अधिक फर्जी निजी क्लीनिक चल रहे हैं।

जहां झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा सभी तरह के ऑपरेशन कर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस संबंध में सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा प्रभारी अजीत कुमार सिंह ने मोबाइल से पूछने पर बताया कि बगल का निजी क्लीनिक दबंग को चला रहे हैं। कई बार नोटिस देकर क्लीनिक चलाने का लाइसेंस व डॉक्टर का दस्तावेज मांगा गया है। लेकिन वे लोग अबतक कोई साक्ष्य नहीं दे रहे हैं और दबंग पूर्वक क्लीनिक चला रहे हैं।

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