मेघवन पंचायत में कराया जा रहा घटिया इंट से खरंजाकरण, लोगों ने जतायी नाराजगी

अधिकारियों से की जांच की मांग

बेनीपट्टी : सूबे में विभिन्न योजनाओं में लूट खशोट आम बात बनकर रह गई है। त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल कई जगहों पर समाप्त हो चुका है तो कई जगहों पर एक से दो दिनों में पूर्णतया खत्म होने वाली है। अब एक दो दिन शेष बचते ही पंचायत प्रतिनिधियों के बीच सरकारी राशि की लूट खसोट करने की हडक्कत तेज हो गयी है और कई जगहों पर शुरू कर दिया गया है।

ताजा मामला प्रखंड के मेघवन पंचायत का है. जहां आनन फानन में दो वार्डों क्रमशः 11 स्थित नजरा गांव में महाराजी बांध और वार्ड 5 स्थित मालिकाना गांव में घटिया इंट के टुकड़े से खरंजाकरण कराया जा रहा है. इन दोनों ही जगहों पर कराये जा रहे खरंजाकरण में एक भी पूर्ण इंट का प्रयोग नही किया गया है न ही आवश्यकता अनुसार मिट्टी ही डाली जा सकी है। कुल मिलाकर संभावित बाढ़ आगमन और पंचायत प्रतिनिधियों के समाप्त होते कार्यकाल को देखते हुए अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी राशि की बंदरबांट शुरू कर दी गयी है।

बता दें कि वार्ड 11 स्थित नजरा में बेनीपट्टी बसैठ एसएच-52 के समीप बने पंचायत भवन के निकट से रामचंद्र मंडल की चाय दुकान तक महाराजी बांध पर खरंजाकरण का कार्य किया जा रहा है। फिलहाल इसे भोगी यादव के घर के समीप से मो. जुगनू के घर तक करीब 450 मीटर की दूरी में खरंजाकरण का कार्य कराया जा रहा है। योजना के लागत के बारे में न तो किसी ग्रामीणों को पूरी जानकारी है न ही किसी अन्य को ही। बताया जा रहा है सात निश्चय के हर गली नाली योजना से यह कार्य कराया जा रहा है, जहां बांध से पूरब 20 से 24 फीट गहरी खाई है, जिससे धौंस नही के पानी के बहाव इलाका है।

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कई लोगों ने यह भी बताया कि यह कार्य वार्ड क्रियान्वयन समिति के बजाय मुखिया पति के कुछ चहेतों के द्वारा कराया जा रहा है। ग्रामीण अजित यादव, बेचन यादव, मदन यादव, सुभाष कुमार, शंकर यादव और सियाशरण यादव सहित कई लोगों ने बताया कि यह सड़क जानबूझकर कार्यकाल के अंतिम दिनों में बनाया जा रहा है ताकि जमकर सरकारी राशि का बंदरबांट किया जा सके और चुनाव लड़ने का खर्च निकाला जा सके। लोगों ने बताया कि सड़क कमजोर रहने की वजह से बांध के दूसरे ओर से बहनेवाली धौंस नदी के बहाव को झेल नही सकेगी और पानी में समा जायेगी। बाढ़ की आड़ में न तो उसकी कोई खोज ख़बर ली जा सकेगी न ही कोई जांच और कार्रवाई ही तय हो सकेगी और चुनाव लड़ने का खर्च भी निकल जायेगा।

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वहीं दूसरी ओर वार्ड 5 स्थित मालिकाना में इससे भी बदतर स्थिति है। जहां मो. शरीफ के घर के निकट से मो. सईद के घर तक सात निश्चय के नली गली योजना से करीब 65 मीटर की दूरी में खरंजाकरण कराया जा रहा है। जिसका 2.45 लाख का प्राकलन बनाया गया है। लेकिन इंट के टुकड़े की गुणवत्ता का कोई ख्याल नही रखा जा रहा है। पूरे खरंजाकरण में एक भी संपूर्ण इंट का इस्तेमाल नही किया गया है। मो. रेजा उर्फ मिंटू, मो. इमरान, मो. जाबिर हुसैन, मो. एजाज, मो. युशूफ और मो. विरजिश सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इंट के टुकड़े की क्वायलिटी इस तरह की है कि हाथ से ही दबाने पर मिट्टी के ढेले के समान भरभराकर पाउडर बन जाती है। ऐसे में यह सड़क कितनी मजबूत होगी इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

दरअसल पूरा मामला राशि की बंदरबांट की प्रवृति से जुड़ा है। दोनों ही वार्डों के ग्रामीणों ने बताया कि अगर खरंजाकरण की जांच कर कार्रवाई नही की गयी तो हमलोग प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस बाबत बीपीआरओ गौतम आनंद ने कहा कि वार्ड 5 के मालिकाना में हो रहे घटिया इंट से खरंजाकरण की शिकायत मिली है। फिलहाल कार्य को रोक दिया गया और जांच की जा रही है। वहीं नजरा के वार्ड 11 मामले की जानकारी नही मिली थी। उक्त पथ निर्माण की भी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी

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