3509 नियोजित शिक्षकों का फोल्डर नहीं मिला,होगी कार्रवाई

मधुबनी : जिले के 3509 नियोजित शिक्षकों का फोल्डर हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी विभाग को नहीं मिला है और नहीं उसे ऑनलाइन किया जा सका है। इस मामले में डीपीओ स्थापना कार्यालय शुरू से ही टालमटोल के रवैया अपनाती रही है। जिसे विभाग ने गंभीरता से लिया है और शीघ्र सभी शिक्षकों के फोल्डर ऑनलाइन नहीं होने की स्थिति में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

उल्लेखनीय है कि अब विभाग के निर्णय के तहत जिन शिक्षकों के प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं हो पाए हैं उसकी सूचना एनआईसी के पोर्टल पर सोमवार से अपलोड शुरू कर दी जाएगी। इसको लेकर निदेेशक ने डीईओ व डीपीओ स्थापना को आदेश जारी कर दिया है। मालूम हो कि जिले के शिक्षा विभाग की उदासीनता के कारण अभी तक कई नियोजित शिक्षकों से संबंधित आवश्यक कागजात उपलब्ध नहीं हो पाया है। नियोजन से संबंधित कागजात उपलब्ध कराने को लेकर निगरानी विभाग द्वारा कई बार डीपीओ स्थापना को लिखा गया है। निगरानी विभाग के संतोष कुमार ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय पटना के सीडब्लूजेसी नंबर 15459/14 में पारित आदेश के आलोक में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार पटना को 3509 प्रारंभिक नियोजित शिक्षकों का नियोजन संबंधी फोल्डर अभी तक निगरानी विभाग को नहीं मिल सकी है।

ADVERTISEMENT

जिस कारण इनके मार्कशीट, प्रमाणपत्र व नियोजन संबंधी अन्य आवश्यक कागजातों की जांच नहीं हो पा रही है। उच्च न्यायलय के निर्देश पर निगरानी विभाग ने वर्ष 2015 में ही जिले में नियोजित शिक्षकों की जांच शुरू की। जिला शिक्षा विभाग ने निगरानी को 13 हजार 348 शिक्षकों के कार्यरत रहने की जानकारी शुरू में दी थी। ये सभी नियोजित प्रारंभिक शिक्षक हैं। इसमें 3509 शिक्षकों का फोल्डर नहीं मिलने से शिक्षा विभाग सवालों के घेरे में आ गयी है। डीपीओ स्थापना द्वारा भी नियोजन इकाइयों को इन 3509 नियोजित शिक्षकों का मेधा सूची व फोल्डर देने का आदेश दिया। पर अभी तक कुुछ का ना तो मेधा सूची मिली है और ना ही फोल्डर।

Leave a Reply

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: