मधुबनी में भाकपा-माले के कार्यकर्ताओं ने मनाया नक्सलबाड़ी दिवस, शहिदों को दि श्रद्धांजलि

मधुबनी : जिला के मालेनगर स्थित भाकपा-माले के जिला कार्यालय में माले कार्यकर्ताओं ने नक्सलबाड़ी दिवस मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत में नक्सलबाड़ी आंदोलन के शहिदों को श्रद्धांजलि देते हुए मोदी सरकार और कोविड नरसंहार के खिलाफ लड़ाई में नक्सलबाड़ी की क्रांतिकारी भावना को बुलंद करने का संकल्प लिया गया। माले नेता बिशंम्भर कामत की अध्यक्षता में संचालित नक्सलबाड़ी दिवस को संबोधित करते हुए भाकपा-माले के जिला सचिव ध्रुब नारायण कर्ण ने कहा कि 1967 में कांग्रेसी कुशासन में जनता का संकट चरम पर चला गया था और सरकार बेनकाब हो गई थी।

जनता कांग्रेसी शासन से उब गई थी। ऐसे ही समय में नक्सलबाड़ी से शुरू हुए आंदोलन ने समूचे देश में आशा का संचार किया और देखते ही देखते गरीब व वंंचित जनता के बीच संपूर्ण भारत में फैल गया। शासक वर्ग के भयंकर दमन का मुकाबला करते हुए कामरेड चारु मजूमदार की अगुवाई में भाकपा (माले) का गठन 22 अप्रैल 1969 को हुआ। इसके प्रथम व संस्थापक महासचिव कामरेड चारू मजूमदार चुने गए। माले को ध्वस्त करने के लिए शासक समूहों ने नृशंस दमन ढाया। इसके बावजूद माले का कारवां उतार-चढ़ाव से गुजरते हुए आगे बढ़ते चला गया जो लगातार अब बढ़ते जा रहा है।

ADVERTISEMENT

उन्होंने आगे कहा कि आज 2021 में भी जनता का संकट चरम पर है। कोविड महामारी ने लाखों भारतीयों की जान ले ली है। अब मोदी सरकार का नरसंहारी कुशासन बेनकाब हो गया है। ऐसे समय में नक्सलबाड़ी आंदोलन की क्रांतिकारी भावना को बुलंद व मजबूत करने, संकट में पड़ी जनता की सेवा करने और उनके आंदोलनों की अगुवाई करने का संकल्प लेना है।

ADVERTISEMENT

कार्यक्रम को किसान महासभा के जिला सचिव प्रेम कुमार झा, रहिका के माले सचिव अनिल कुमार सिंह और राजनगर के माले सचिव दानी लाल यादव ने संबोधित किया। वहीं, माले कार्यकर्ता राम नारायण ठाकुर, शैनी साह, जय नारायण साह, शंभू साह, संजय यादव, चौठी साह सहित एक दर्जन काॅमरेडों ने भाग लिया।

Leave a Reply

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: