महाविद्यालयों में उमड़ रही भीड़, सोशल डिस्टेंस की उड़ रही धज्जियां

बेनीपट्टी : प्रखंड स्थित संचालित महाविद्यालयों में इन दिनों छात्र छात्राओं की भारी भीड़ उमड़ते देखी जा रही है. जिससे सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ रही है. मिली जानकारी के अनुसार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा सत्र 2020-22 के इंटरमीडिएट में नामांकन के लिये 5 से 12 अगस्त का समय निर्धारित किया गया है और नामांकन के लिये सभी महाविद्यालयों में छात्र छात्राओं से जाति और आवासीय प्रमाण पत्र की मांग की जा रही है.

बेनीपट्टी मुख्यालय स्थित डॉ. एनसी कॉलेज परिसर में उमड़ी भीड़

जबकि कोरोना संक्रमण बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने गंभीरता से लिया और 16 जुलाई से ही पूरे बिहार को लॉक डाउन कर दिया गया. 31 जुलाई को लॉक डाउन की समय सीमा बढ़ाकर 16 अगस्त तक कर दिया गया. जिसमें सभी अंचल कार्यालयों में संचालित आरटीपीएस काउंटर को बंद कर दिया गया था. इधर महज 5 दिनों का ही नामांकन का समय देने से छात्र छात्राओं में बेचैनी देखी जा रही है. दूसरी ओर सत्र 2018-20 के उत्तीर्ण छात्र छात्रायें अपना महाविद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र, आचरण प्रमाण पत्र, अंक पत्र और प्रव्रजन प्रमाण पत्र सहित अन्य कागजात लेने महाविद्यालय पहुंच रहे हैं.

गौरतलब हो कि इस सत्र का तक़रीबन तीन से चार माह पहले परीक्षा फल प्रकाशित किया गया था पर लॉक डाउन की बंदी को लेकर छात्र छात्रायें अपना कागजात नही ले सके थे. उन्हें स्नातक में नामांकन कराने की बेचैनी सता रही है. वहीं समिति ने सत्र 19-21 के छात्र छात्राओं के लिये परीक्षा प्रपत्र भरने का समय 10 से 18 अगस्त तक निर्धारित की है. लिहाजा महाविद्यालय खुलने की खबर आम होते ही ये सभी सत्र के छात्र छात्राओं का हुजूम महाविद्यालय परिसर में उमड़ पड़ा है. कई महाविद्यालयों की तो ये स्थिति है कि बच्चों को खड़े होने तक की जगह नही मिल पा रही है. आवासीय और जाति प्रमाण पत्र के लिये अंचल कार्यालय परिसरों में भी छात्र छात्राओं की भीड़ देखी जा रही है. बड़ी संख्या में ऐसे छात्र छात्रायें हैं जिन्हें नामांकन छूट जाने की चिंता सता रही है.

कई छात्रों ने आक्रोशित लहजे में कहा कि समिति के अध्यक्ष के निर्णय से लगता है कि वे मानसिक दिवालियेपन के शिकार हो चुके हैं. इतने दिन पहले परीक्षा फल आया तो समिति सुसुप्तावस्था में थी और अब लॉक डाउन में ही सभी सत्र का कार्य संपादित किये जाने का समय एक साथ निर्धारित कर दी है. जिसके कारण छात्र छात्राओं और महाविद्यालय प्रबंधन के सदस्यों में उहापोह की स्थिति व्याप्त है. बता दें कि मुख्यालय स्थित डॉ. एनसी कॉलेज को कोरेंटीन सेंटर बनाया गया था, जहां कई कोरोना संक्रमित मरीजों को रखा गया था. सरकार की घोषणा थी कि सभी कोरेंटीन सेंटर को सेनेटाइज करने के बाद ही खोला जायेगा लेकिन यहां ऐसा नही हुआ. इसलिए सभी लोगों में संक्रमण का भय सता रहा है.

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. भवानंद झा ने कहा कि इन सभी सत्र के तक़रीबन चार हजार छात्र छात्रायें हैं, जो इस समय उमड़ रहे हैं. सोशल डिस्टेंस बनाये रखने का निर्देश लगातार दिया जा रहा है लेकिन बेचैनी और जल्दीबाजी की वजह से बच्चे इसका ख्याल नही रख पा रहे हैं.

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