बिजली करंट के चपेट में आने से मवेशी की मौत, बाल बाल बचे दो चरवाहा

ग्रामीणों ने नलजल योजना के संवेदक, मुखिया व वार्ड सदस्य पर लगाया मनमानी तथा लापरवाही का आरोप

पूर्व में भी दो बार ध्वस्त हो चुका है जलमीनार, उक्त जगह से हटाने की मांग

मधवापुर : वैसे तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के महत्वकांक्षी सात निश्चय योजना अंतर्गत नलजल योजना अक्सर विवादों में रहा है। कही घोटाले तो कही व्यापक स्तर पर गड़बड़ी का मामला सामने आते रहता है। लेकिन नलजल योजना में बरती गई लापरवाही अब लोगों के जान पर आफत बनकर मंडराने लगा है।

ताजा मामला मधवापुर प्रखंड के बलवा पंचायत अंतर्गत बैरवा गांव का है। जहां संवेदक की लापरवाही के कारण एक मवेशी की मौत बिजली के स्पर्श से होगा और दो अन्य चरवाहा बालक बाल बाल बच गए।

जानकारी के मुताबिक बलवा पंचायत के बैरवा मुशहरी स्थित वार्ड 8 में नलजल योजना के लिए बने जलमीनार में पानी डालने के लिए लगे मोटर को चालू करने के लिए बिजली के पोल से तार खींचा गया था। लेकिन लापरवाह संवेदक तार को सही से नही लगाया था और बिजली प्रवाहित तार बगल के जलजमाव में स्पर्श कर रहा था।

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गुरुवार को शनिचर सदाय के दो चरवाहा बालक अपने भैंस को लेकर पानी पिलाने उक्त जगह पर ले गया। जैसे भैंस ने पानी मे अपना मुंह डाला ही कि बिजली स्पर्श कर गया और करंट लगने से मौके पर मवेशी की मौत हो गई। दो बालक जब भैंस को बचाने आगे गया, वैसे ही ग्रामीणों ने आवाज लगाकर दोनों लड़का को भागने को कहा। जिस पर दोनों चरवाहा लड़का भागा। जिससे दोनों बालक की जान बच गई। देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।

स्थानीय समाजसेवी लालू प्रसाद यादव व शनिचर सदाय समेत ग्रामीणों ने बताया कि मुखिया और वार्ड सदस्य की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। बिजली के तार को कई दिनों से ऐसे ही पानी मे छोड़ दिया गया है। जिसमे बिजली का करंट दौड़ रहा है। आज मवेशी की तो मौत हो गया, लेकिन दो बालक की जान ग्रामीणों की जागरूकता की वजह से बच गया।

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ग्रामीणों ने यह भी बताया कि नलजल का जो जलमीनार बनाया गया है। वो पूर्व में दो बार ध्वस्त हो गया। जिसके चपेट में आने से एक व्यक्ति बुरी तरह घायल भी हुआ था और उसके हाथ की कई उंगलियां भी कट गया था। बावजूद भ्रष्ट जनप्रतिनिधि व स्थानीय प्रशासनिक पदाधिकारियों से सांठगांठ करके इस योजना में लूट खशोट मचा रखा है। जिसको देखने वाला कोई नही है। इस जगह से जलमीनार को हटाया जाय, अन्यथा भविष्य में बड़ा हादसा से इनकार नही किया जा सकता है।

ग्रामीणों ने पीड़ित किसान को प्रशासन से मवेशी की मौत पर उचित मुआवजा देने का आग्रह किया है। वही बिजली विभाग के जेई ने बताया कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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