सरकारी व स्वास्थ्य संस्थानों सहित प्रशासनिक अधिकारी के आवास में लगाए गए तंबाकू मुक्त परिसर की बोर्ड व साइनेज

  • अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग , बिहार सरकार प्रत्यय अमृत के आदेश का हो रहा पालन
  • समाज को तंबाकू से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया जाये

मधुबनी : अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने वीसी के माध्यम से जिले के जिलाधिकारी अमित कुमार एवं सिविल सर्जन डॉक्टर सुनील कुमार झा को निर्देश दिया की सभी सरकारी परिसर एवं स्वास्थ्य संस्थानों में अविलम्ब तम्बाकू मुक्त परिसर का बोर्ड अथवा होर्डिंग,साइनेज या दीवाल लेखन लगाने की व्यवस्था की जाये।

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जिसपर उलंघन करने वालों को दंडित करने की प्रावधान का भी जिक्र हो. साथ ही परिसर अथवा चिकित्सीय संस्थान में तंबाकू इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने पर त्वरित दंड का प्रावधान हो। मघुबनी जिला में प्रमुख पदाधिकारियों के निवास स्थान पर भी तम्बाकू मुक्त ‌परिसर का बोर्ड ‌लगाया गया है। जिला को तम्बाकू मुक्त जिला बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। तंबाकू का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव स्कूली बच्चों एवं युवाओं पर पड़ रहा है।

इस आदेश का जिले में अनुपालन होता भी दिख रहा है जिले के सभी मुख्य सरकारी संस्थानों एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू मुक्त परिसर का बोर्ड अथवा साइनेज लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है। गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉक्टर एस.पी. सिंह ने बताया सभी को एकजुट होकर प्रयास करने की जरुरत है, जिससे समाज को तंबाकू सेवन के खतरे से अवगत कराते हुए उन्हें तंबाकू से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया जाये।

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लोगों को जागरूक करना जरूरी :

सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने कहा कि लोगों को तंबाकू मुक्त और स्वस्थ बनाने के लिये तथा सभी स्वास्थ्य खतरों से बचाने के लिए तंबाकू चबाने या धुम्रपान के द्वारा होने वाले सभी परेशानियों और स्वास्थ्य जटिलताओं से लोगों को आसानी से जागरूक करने के लिए बैनर पोस्टर होर्डिंग आदि लगाया जा रहा है। तंबाकू के बारे में लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। सीड्स के कार्यक्रम पदाधिकारी मनोज कुमार झा ने बताया कि मघुबनी जिला के सभी सार्वजनिक स्थानों को तम्बाकू मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए यह आवश्यक है कि वहा पर तम्बाकू मुक्त क्षेत्र परिसर का साइंसेज, बोर्ड,‌दीवाल लेखन या होडिंग लगा होना चाहिए।

इधर-उधर थूकने पर लगेगा जुर्माना :

जिले में तंबाकू का सेवन कर के यत्र तत्र थूकने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही 6 माह की जेल भी हो सकती है । इधर-उधर थूकने से कोरोना वायरस के फैलने का खतरा ज्यादा है। किसी भी सरकारी या गैर सरकारी कार्यालय एवं परिसर में किसी भी प्रकार का तंबाकू पदार्थ, सिगरेट, खैनी, गुटखा, पान मसाला, जर्दा आदि के उपयोग को पूर्णत: प्रतिबंधित है।

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सार्वजनिक स्थानों पर थूकना स्वास्थ्य के लिए खतरा :

सीड्स के कार्यक्रम पदाधिकारी मनोज कुमार झा ने बताया कि तंबाकू का सेवन जन स्वास्थ्य के लिए बड़े खतरों में से एक है। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना स्वास्थ्य के लिए खतरा है और संचारी रोग के फैलने का एक प्रमुख कारण है। तंबाकू सेवन करने वाले की प्रवृति यत्र-तत्र थूकने की होती है। थूकने के कारण कई गंभीर बीमारी तथा कोरोना, इंसेफलाइटिस, यक्ष्मा, स्वाइन फ्लू आदि का संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। भा.द.वि. (IPC) की धारा 268 एवं 269* के तहत कोई भी व्यक्ति यदि महामारी के अवसर पर उपेक्षापूर्ण अथवा विधि विरूद्ध कार्य करेगा जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण हो सकता है तो उसे छह माह का कारावास एवं अथवा 200 रुपये जुर्माना किया जा सकता है।

तम्बाकू सेवन मुख कैंसर का है प्रमुख कारण :

सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया सभी प्रकार के कैंसरों में तंबाकू के सेवन से जुड़े कैंसरों का हिस्सा 40 प्रतिशत है एवं 90 प्रतिशत मुँह का कैंसर तंबाकू के प्रयोग से होते हैं. तंबाकू सेवन पर रोक लगाने एवं साथ ही तंबाकू से होने वाले विभिन्न प्रकार के कैंसर के बारे में वृहत पैमाने पर जन-जागरूकता फैलाने की जरुरत है. तंबाकू का दुष्प्रभाव सबसे अधिक स्कूली बच्चों एवं युवाओं पर पड़ रहा है।

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