बेनीपट्टी में हंगामेदार रही प्रखंड पंचायत समिति की बैठक

छाया रहा बिजली अधिकारियों के गायब रहने, राशन किरोसिन वितरण में गड़बड़ी व सात निश्चय योजना में धांधली का मुद्दा

बेनीपट्टी प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित मेघदूतम सभागार में आयोजित प्रखंड पंचायत समिति की बैठक में मौजूद प्रमुख सोनी देवी, बीडीओ मनोज कुमार, सीओ पल्लवी कुमारी, बीपीआरओ गौतम आनंद, मुखिया, पंसस और अन्य अधिकारी

बेनीपट्टी(मधुबनी): बेनीपट्टी में सोमवार को आहूत प्रखंड पंचायत समिति की बैठक हंगामेदार रही. जहां सभी बैठकों से बिजली अधिकारियों के गायब रहने, राशन किरोसिन वितरण में अनियमितता और सात निश्चय योजना में धांधली का मुद्दा गरमाया रहा.

बता दें कि प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित मेघदूतम सभागार में प्रखंड प्रमुख सोनी देवी की अध्यक्षता में प्रखंड पंचायत समिति की सामान्य बैठक थी. जिसमें कोरोना राहत और बाढ़ आपदा का जीआर राशि नही पहुंचने, पेंशन, मनरेगा, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य मुद्दों को लेकर जमकर चर्चा हुई. इस दौरान मुखिया महासंघ के जिलाध्यक्ष कृपानंद झा आज़ाद और बसैठ पंसस संतोष कुमार चौधरी ने बसैठ को प्रखंड बनाये जाने का प्रस्ताव रखा. जिसे मौजूद सदस्यों के द्वारा पारित कर सरकार के पास भेजे जाने पर सहमति बनी.

वहीं सदन में मौजूद मनपौर पंसस अनिल कुमार झा ने पंचायत समिति की किसी भी बैठक में बिजली विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति नही होने का मुद्दा उठाया. कहा पिछले दो साल में आहूत हुई किसी भी बैठक में बिजली विभाग के कोई भी अधिकारी न तो मौजूद रहते हैं और न ही किसी तरह की समस्या होने पर फोन किये जाने पर कोई रेस्पॉन्स लेते हैं.

परौल पंचायत के पंसस अशोक कुमार राम ने कहा कि अगलगी की घटना में कई मवेशी की मौत हो गयी. घटना के दो साल हो गये लेकिन अब तक मुआबजा नही मिला. पूछने पर अधिकारी और कर्मी आपदा कोष में राशि नही होने का हवाला देकर टालते रहे हैं, तो क्या इस दो साल से आपदा राहत कोष में राशि नही आयी.

कुछ सदस्यों ने कोरोना महामारी की राहत राशि अब तक हजारों लोगों के खाते में नही आने का मुद्दा उठाया तो कुछेक ने बाढ़ आपदा के महीनों गुजर जाने के बाद भी जीआर की राशि अब तक नही मिलने पर क्षोभ व्यक्त किया. सदस्यों ने सात निश्चय योजना में व्याप्त धांधली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि कई जगहों पर गड़बड़ी होने की स्थिति में प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद जांच और कार्रवाई के बजाय गुपचुप तरीके से उसका भुगतान कर दिया जाता है. इतना ही कई जगहों पर नल जल योजना का पाइप बिछाने के क्रम में पीसीसी सड़कें काट कर छोड़ दिया जाता है, जिससे ग्रामीणों को भारी फझिहत झेलनी पड़ती है.

सदस्यों ने सबसे अधिक ऐतराज राशन कार्ड निर्माण में धांधली पर जताया. सदस्यों ने कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में बिना कोई मानक का निर्धारण किये राशन कार्ड जारी किया गया. जीविका कर्मियों द्वारा सर्वेक्षण में दो से पांच सौ रुपये तक की उगाही की गयी. जिसमें अधिकांश कार्डों में महज एक या दो सदस्यों का नाम जोड़कर खानापूरी की गयी. जिसके कारण परिवार के अन्य सदस्यों को राशन नही मिला. जो भी राशन कार्ड बनाये गये उसमें बड़ी संख्या में गरीब वंचित रह गये और अवैध उगाही कर कर्मियों ने संपन्न लोगों के नाम से राशन कार्ड जारी कर दिया गया. अब भी बड़ी संख्या में गरीब राशन कार्ड से वंचित है, जिसे बनवाये जाने और डीलरों पर नकेल कसे जाने की जरुरत है.

बैठक में मनरेगा, शिक्षा, खाद कालाबाजारी, बीज वितरण में धांधली, स्वास्थ्य और पेंशन योजना के लंबित राशियों के भुगतान सहित अन्य मुद्दे भी उठाये गये. बीडीओ मनोज कुमार ने सदन में उठाये गये सभी समस्याओं का समाधान शीघ्र किये जाने का सदस्यों को आश्वासन दिया. अंत में अध्यक्षा सह प्रमुख के धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात बैठक समापन की घोषणा की गयी.

मौके पर बीडीओ मनोज कुमार, सीओ पल्लवी कुमारी गुप्ता, बीपीआरओ गौतम आनंद, बीइओ अरविंद कुमार, बीएओ विजय गुप्ता, बीसीओ संजीत कुमार, एमओ इंद्रजीत कुमार, मुखिया कृपानंद झा आज़ाद, लाल नारायण सिंह, अजय कुमार झा, मो. आलम, पंसस आनंद कुमार झा, संतोष कुमार चौधरी, अनिल झा, आशीष कुमार झा, अशोक कुमार राम, संजय कुमार झा, पूजा कुमारी, रेणु कुमारी व प्रखंड लिपिक कैलाश झा सहित अन्य लोग भी मौजूद थे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!