BENIPATTI : महाराजी बांध की मरम्मति की खानापूरी से आक्रोश

नही रखा जा रहा मजबूती का ख्याल

2.90 करोड़ की लागत से हो रहा बांध की मजबूतीकरण का कार्य

पाली, नजरा, मेघवन, सोहरौल, करहारा और अग्रोपट्टी में कार्य अधूरा

एक बार फिर मरम्मति के नाम पर करोड़ो की राशि गटकने की जतायी जा रही आशंका

बेनीपट्टी : प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा को लेकर बने महाजी बांध की मरम्मति की खानापूरी किये जाने से लोगो मे आक्रोश गहराता जा रहा है। पिछले एक सप्ताह से 2.90 करोड़ रुपये की लागत से की जा रही। लेकिन किसी भी जगहों पर बांध की मजबूती का खयाल नही रखा जा रहा है। अधिकांश जगहों पर बिना बंबू पाइलिंग व तार के जाल बनाये ही कुछेक प्लास्टिक बोरे में बालुई मिट्टी डालकर रखवा दिया गया तो कई जगहों पर अब तक सुध भी नही ली जा सकी है।

अग्रोपट्टी स्थित खिरोई नदी के ठीक किनारे पर बने महाराजी बांध और नदी के तटबंध की मरम्मति की गयी है लेकिन आधे अधूरे येन केन प्रकारेण मरम्मति कर खानापूरी कर दी गयी। जबकि उक्त स्थल पर तीन दिशाओं से आनेवाली विभिन्न नदियों क्रमशः पश्चिम दिशा से सीतामढ़ी की ओर से बुढ़नद, पूरब दिशा से
सोइली की ओर से धौंस और उत्तर
दिशा से सीतामढ़ी जिले के चौरौत से खुले मैदान से होकर अन्य नदियों व बरसात का जल आकर खिरोई नदी में मिलकर दबाब बनाता है, जिससे यहां बांध टूटने की हमेशा आशंका बरकरार रहती है। यही स्थिति मेघवन और पाली में हो रहे मरम्मतिकरण की है। जहां आगे-आगे मिट्टी डाली जा रही और पीछे से दरारें निकालनी शुरू हो चुकी है। जबकि विभाग द्वारा बीते दिसंबर महीने में ही मजबूतीकरण की हरी झंडी मिल गयी थी। लेकिन खेतों में गेहूं की फसलें लगी होने का हवाला देकर उस समय मजबूतीकरण को टाल दिया गया था।

विभाग द्वारा बाढ़ से बचाव को लेकर वर्षा आगमन से पूर्व ही मरम्मति का कार्य संपन्न करा लिये जाने का दावा किया गया था, ताकि मजबूत बांध बाढ़ के पानी का दबाब झेल सके और गांव की सुरक्षा करने में सक्षम हो। मिली जानकारी के अनुसार मजबूतीकरण का यह कार्य प्रखंड के पाली, मेघवन, नजरा, करहरा, सोहरौल और अग्रोपट्टी स्थित महाराजी बांध की होनी है और 15 मई तक पूरा कर लेने की समय सीमा निर्धारित की गयी थी। लेकिन 15 मई के बाद कार्य शुरू ही किया गया है।

ADVERTISEMENT

बताते चलें कि बांध मजबूतीकरण का कार्य बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के बाढ नियंत्रण प्रमंडल एक झंझारपुर के द्वारा कराया जा रहा है। इसकी स्वीकृति के लिये पिछले साल आयी बाढ के समय विभागीय इंजीनियरों के साथ सर्वे कर प्रस्ताव तब भेजा गया था जब बाढ़ के पानी का भारी दबाब और कमजोर बांध के स्थानों को देखते हुए स्थानीय लोगों की मांग पर किया जा रहा है। तब कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अग्रोपट्टी स्कूल से शिवनगर जीरो, नजरा यादव टोला, पाली गोट और सरवनमा मोर स्थित बेहद नाजूक स्थिति में पहुंच चुके है बांध को बम्बो पाइलिंग सहित अन्य वैकल्पिक उपायों के जरिये बांध को टूटने से बचाया था और मजबूतीकरण की आवश्यकता जतायी थी। उस स्थिति को देखते हुए मजबूतीकरण का प्रस्ताव भेजा गया था।

कई लोगों ने बताया कि बेनीपट्टी प्रखंड क्षेत्र में करीब 20 किलोमीटर की दूरी में बने इस बांध को लंबे समय से मजबूतीकरण के दिशा में कोई काम नही किया जा सका है, और जब भी मरम्मति हुई केवल खानापूरी कर राशि का लूट खसोट ही किया गया। जिसकी कभी कोई जांच और कार्रवाई तक की जा सकी। जिससे हर साल पश्चिमी इलाके के डेढ़ दर्जन गांव के लाखों लोगों को बाढ़ की विनाशलीला का कहर झेलना पड़ता है। जिसमें व्यापक पैमाने पर जान माल की भी क्षति होती रही है। लोगों द्वारा मरम्मति के नाम पर संवेदक द्वारा करोड़ो की राशि गटकने की आशंका के आरोपों की पुष्टि करते हुए खुद जदयू प्रखंड अध्यक्ष शशिभूषण सिंह ने पहली जून को एसडीएम और संबंधित मंत्री को आवेदन देकर जांच की मांग की है।

इस बाबत पक्ष जानने के लिये संबंधित विभाग के जेई सुधीर कुमार के मोबाइल नंबर 9472422490 पर कॉल किया गया तो कॉल रिसीव नही किये जाने के कारण उनका पक्ष प्राप्त नही हो सका।

Leave a Reply

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: