BENIPATTI : प्रखंड कार्यालय के स्थापना लिपिक अनिल श्रीवास्तव का निधन

स्थापना के अलावे परिवहन विभाग से संबंधित कार्य को भी निबटा रहे थे अनिल

दस वर्षों से प्रखंड कार्यालय में थें कार्यरत, शोक संवेदनाओं का लगा तांता

बेनीपट्टी : प्रखंड कार्यालय के लिये गुरुवार को एक दुःखद खबर सामने आयी. प्रखंड कार्यालय में तकरीबन वर्षों से कार्यरत स्थापना शाखा के लिपिक अनिल श्रीवास्तव (62) का निधन हो गया है. बताया जा रहा है कि वे करीब 20 दिन पहले संक्रमित हो गये थे. उनका इलाज सकरी के रामसीला नामक अस्पताल में चल रहा था. जहां गुरुवार की सुबह साढ़े नौ बजे के करीब उन्होनें अंतिम सांस ली. मिली जानकारी के अनुसार वे पिछले दो वर्षों से संविदा पर कार्यरत थे और स्थापना प्रशाखा के अलावे परिवहन विभाग का कार्य भी निबटा रहे थे. स्व. श्रीवास्तव मूलतः मधुबनी जिले के मधवापुर प्रखंड के बलवा के निवासी वाले थे और वे मधुबनी में भी मकान कर सपरिवार रहते थे. जहां से वे रोजाना निधारित समय पर अपनी ड्यूटी करने बेनीपट्टी प्रखंड कार्यालय आया करते थे. अपनी ड्यूटी के प्रति इतने सजग रहा करते थे कि वरीय अधिकारी उनका उदाहरण दूसरे कर्मियों को भी देते थे. वे अपने पीछे भरा पुरा परिवार छोर गये हैं. उनके निधन से बेनीपट्टी और मधवापुर प्रखंड क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी है.

उनके निधन पर बेनीपट्टी के पूर्व बीडीओ डॉ. अभय कुमार ने भी शोक व्यक्त करते हुए निष्ठा का परिचायक बताया. वहीं प्रखंड प्रमुख सोनी देवी, बेनीपट्टी के वर्तमान बीडीओ मनोज कुमार, मधवापुर के बीडीओ कुमार वैभव, बेनीपट्टी के बीपीआरओ गौतम आनंद, सीओ पल्लवी कुमारी गुप्ता, पशुपालन पदाधिकारी डा. सुमन कुमार, मनरेगा पीओ संजीव रंजन मिश्रा, बीसीओ मिथिलेश कुमार और संजीत कुमार, बिराअरा कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष सह पंस आनंद मोहन चौधरी, तकनीकी सहायक प्रीति कुमारी, इंद्रजीत कुमार गुप्ता, ओम प्रकाश गुप्ता, वर्तिका सिंह, नैंसी कुमारी, लेखापाल शिवानी झा, मिनाक्षी झा, मिथुन कुमार, इंद्रजीत कुमार, कर्मी अमित झा, अनिल साफी, मनोज कुमार, मो. मकसूद आलम, पंचायत सचिव बिंदुनाथ पांडेय, राजा राम सिंह, गंगा यादव, प्रधान लिपिक कैलाश मिश्रा, आवास पर्यवेक्षक रजनीश कुमार, अंचल कर्मी कन्हैया सिंह, रमण मिश्र, निर्मल झा, आइटी सहायक प्रशांत कुमार, अशोक कुमार, उषा कुमारी व रामपुकार सिंह सहित कर्मियों ने दुःख प्रकट करते हुए गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है और मृतात्मा की शांति के लिये ईश्वर से प्रार्थना की है.

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