बाबू जगजीवन राम ने हरित क्रांति लाकर देश को खाद्यान्न के मामले में आत्म निर्भर बनाने का काम किया

बेनीपट्टी (मधुबनी) : प्रखंड के जगजीवन चौक पर सोमवार को अंबेडकर कर्पूरी सामाजिक संस्थान के तत्वाधान में स्वतंत्रता सेनानी सह भारतीय संविधान सभा के सदस्य भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम के 34 वें परिनिर्वाण दिवस का आयोजन किया गया. इस दौरान मौजूद लोगों ने बाबू जगजीवन राम के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया.

इसके बाद समता विषयक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. जिसकी अध्यक्षता मुंशी दास ने की. इस दौरान सामाजिक संस्थान के अध्यक्ष रामवरण राम ने बाबू जगजीवन राम के व्यक्तित्व व कृतित्व पर व्यापक प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबू जी ने कृषि मंत्री के रुप में हरित क्रांति लाकर देश को खाद्यान्न के मामले में भारत को आत्म निर्भर बनाने का काम किया और रक्षा मंत्री के रुप में बांग्ला देश मुक्ति अभियान में भारत का ऐतिहासिक विजय का नया अध्याय लिखने का काम किया, जो कभी भुलाया नही जा सकेगा.

उन्होंने कहा कि जगजीवन बाबू ने जाति प्रथा और जनतंत्र एक साथ नही चल सकता को आत्मसात किया. वहीं मिथिलांचल प्रभारी सह अधिवक्ता महेंद्र नारायण राय, राजेंद्र साफी और मो. हादी ने कहा कि बाबूजी भारत सरकार में श्रम, संचार, रेल, रक्षा व कृषि मंत्री के रुप में अप्रतिम प्रशासन कौशल का परिचय देते हुए अपने 40 वर्षों के संसदीय जीवन में भी बेदाग रहे. वक्ताओं ने बाबूजी के द्वारा सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक गैरबराबरी के खिलाफ अनवरत संघर्ष करते रहने की बात कही.

मौके पर मौजूद प्रह्लाद पासवान, अनवारुल अंसारी, लालू साफी, मोती मिश्र, भगवान झा, रामनाथ यादव व ललन साह सहित अन्य ने भी उनके जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए उनके बताये रास्तों पर चलने की आवश्यकता पर बल दिया. कहा सही मायनों में यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

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