बेनीपट्टी में नही बंटा मास्क, लोगों में आक्रोश

बेनीपट्टी प्रखंड के महज एक पंचायत ब्रह्मपुरा में शनिवार को बंट सका है मास्क

भीड़ भाड़ वाले इलाके का सेनेटाइज नही किये जाने से लोगों की बढ़ी चिंता

बेनीपट्टी के बेहटा बाजार में उमड़ी भीड़ में बिना मास्क के खरीददारी करते लोग

बेनीपट्टी : प्रखंड क्षेत्र में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ने से लोगो मे चिंता का विषय बनने लगा है। हर दिन किये जा रहे टेस्ट में पोजेटिव होने का आंकड़ा कमोबेश जस की तस वाला ही आ रहा है। 18 अप्रैल से इस महामारी से निबटने के लिये राज्य सरकार द्वारा नाईट कर्फ्यू लगाया गया और अधिकारियों को कई आवाश्यक दिशा निर्देश दिये गये थे। जिसमें हर परिवार में छह मास्क वितरण करने और भीड़ भाड़ वाले इलाकों को सेनेटाइज करने सहित अन्य निर्देश भी शामिल थे।

संक्रमण का सिलसिला चलता रहा, आंकड़े बढ़ते रहे और सरकार के निर्देश अपनी जगह पर घोषणाओं तक ही सिमटे रहे। यहां तक कि स्थिति की भयावहता को मद्देनजर रखते हुए 15 मई तक के लिये घोषित किये गये नाइट कर्फ्यू के बीच में ही 4 मई को टोटल लॉक डाउन की घोषणा राज्य सरकार को करनी पड़ी। लॉक डाउन का पहला चरण भी गुजर गया और अब इसे 25 मई तक विस्तारित कर दूसरा चरण भी लागू कर दिया गया। दूसरे चरण का लॉक डाउन भी शुरू हो गया लेकिन अधिकारियों और जनोरतिनिधियों के सेहत पर सरकार के निर्देश का कोई असर नही पड़ा। यही कारण है कि निर्देश के एक महीना बीतने के बाद भी बेनीपट्टी प्रखंड में के पंचायतों में मास्क का वितरण नही किया जा सका है न ही भीड़ भाड़ वाले इलाके बस स्टैंड, हाट और बाजार आदि को सेनिटाइज ही कराया जा सका है।

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मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की सुबह तक बेनीपट्टी प्रखंड के एक भी पंचायतों में मास्क का वितरण नही किया जा सका था। शनिवार की देर शाम ब्रह्मपुरा पंचायत में मास्क वितरण किये जाने की जानकारी पंचायत के मुखिया अजित पासवान ने दी। शेष पंचायतों की स्थिति अब भी शून्य ही बतायी जा रही है। हाट और बाजारों को सेनेटाइज करना तो दूर अब तक दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों के लिये जांच की अनिवार्यता आदि की भी कोई व्यवस्था नही की जा सकी है।इस बाबत कोई भी अधिकारी अपना मूंह खोलने को तैयार नही दिखते। सब के सब बस तकनीकी समस्या का हवाला देकर टाल जा रहे हैं तो ऐसे में कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि सरकार और प्रशासन ने अपने हाथ खड़े कर दिये हैं और लोगों को भगवान भरोसे छोड़ दिये हैं। जबकि सरकार ने सभी सार्वजनिक स्थलों को रोजाना सेनेटाइज करने व बाहर से आनेवाले लोगों की जांच करने की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही थी। आलम यह है कि लोग धड़ल्ले से दूसरे प्रदेशों से आ रहे हैं और बिना जांच कराये अपने घर पहुंच रहे हैं। जिससे अनुमंडल क्षेत्र के लोगों में संक्रमण फैलने की आशंका से चिंता गहराने लगी है।

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उधर रोजाना बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के आंकड़े से लोग हलकान और परेशान हैं। हालात इतने अधिक खड़ाब हो चुके हैं कि कब कौन से लोग इसकी चपेट में आ जायें यह कहना मुश्किल है। अब भी हाट और बाज़ारों में लोग बिना मास्क लगाये सोशल डिस्टेंस मेंटन किये बेखौफ खरीददारी करने में मशगूल हैं। कई इलाकों में टीकाकरण की व्यवस्था में कमी देखी जा रही है। वहीं होम क्वारेंटिंन में रह रहे संक्रमितों की सतत निगरानी हो भी पा रही है या नही यह कहा नही जा सकता।

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