प्रधानाध्यापक बनने के लिए देनी होगी लिखीत परीक्षा

पटना : राज्य के प्रारंभिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक बनने के लिए अब लिखित परीक्षा देनी होगी। राज्य सरकार ने नई नियुक्ति नियमावली में इसका प्रावधान किया है। यह भी तय हुआ है कि प्रधानाध्यापक के खाली पड़े पद में से आधे पर जहां सीधी नियुक्ति होगी वहीं शेष पर सहायक शिक्षकों का मौका दिया जाएगा। दोनों स्थितियों में परीक्षा में उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा।

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क्षेत्रीय भाषा में पास होना जरूरी : लिखित परीक्षा में अनिवार्य विषय की परीक्षा पहले पास करनी होगी। इसमें जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा संताली, मुंडाली, हो, खड़िया, कुड़ुख, कुरमाली, खोरठा, नागपुरी, पंच परगनिया, उड़िया या बंगला में 50 में से 15 नंबर लाना होगा। इसके बाद ही उनकी सामान्य ज्ञान, शिक्षक प्रशिक्षण से संबंधित विषय और स्नातकोत्तर के विषयों की कॉपियां जांची जाएंगी।

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पहले प्रोन्नति से होती थी नियुक्ति : राज्य में अब तक सिर्फ सहायक शिक्षकों को प्रोन्नति के आधार पर प्रधानाध्यापक बनाया जाता था। यहां प्रधानाध्यापकों के 3126 पद हैं, लेकिन 123 स्कूलों में ही प्रधानाध्यापक हैं। बाकी में प्रभारी प्रधानाध्यापक से काम चल रहा है। वहीं अपग्रेड हुए स्कूलों में भी प्रधानाध्यापक के पद सृजित नहीं किये गये है।

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अनिवार्य विषय : 50 अंक, सामान्य ज्ञान : 100 अंक, शिक्षक प्रशिक्षण के विषय : 200 अंक और स्नातकोत्तर के विषय : 200 अंक।

कार्यरत शिक्षकों के लिए)

अनिवार्य विषय : 50 अंक, सामान्य ज्ञान : 50 अंक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विभागीय योजना की जानकारी : 50 अंक, शिक्षक प्रशिक्षण के विषय : 100 अंक और स्नातकोत्तर के विषय : 100 अंक।

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