टीबी हारेगा देश जीतेगा कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

चोरौत : प्रखंड मुख्यालय स्थित स्थानीय पीएचसी के सभागार में बुधवार को टीबी हारेगा देश जीता कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय कार्यशाला व हस्ताक्षर अभियान का आयोजन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शम्भू प्रसाद महतो के अध्यक्षता में आयोजित किया गया।

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इस दौरान डॉ महतो ने टीबी के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि यह एक जानलेवा बीमारी है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक जीवाणु से होता है। ये कई अन्य नामो यक्ष्मा, क्षयरोग, राज रोग आदि से भी प्रचलित है। कई लक्षणों के आधार पर इस बीमारी की पहचान की जाती है दो सप्ताह या उसे अधिक दिनों तक खाँसी, बुखार या शाम के समय शरीर गर्म होना, वजन में कमी, रात में पसीना आना, भूख न लगना, छाती में दर्द, बलगम में खून आना, कमजोरी एवं थकान, गर्दन के बगल में सूजन आदि। यह बीमारी टीबी के जीवाणु हवा द्वारा फैलता है, फेफड़ों के टीबी बाले रोगी जब खाँसते है अथवा छीकते है तो जीवाणु छोटे कणों के रूप में हवा में फैल जाते है।

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भारत मे लगभग एक हजार से ज्यादा लोगों की टीबी के कारण मृत्यु हो जाती हैं सबसे ज्यादा मौत फेफड़ों के बीमारी वाले मरीजों की होती है। उक्त बीमारी का उपचार छः से आठ माह तक होता है, एवं कई रोगी थोड़ा ही लाभ मिलने पर उपचार छोड़ देते हैं जिस कारण टीबी की दवाएं बेअसर हो जाती है। नियमित कोर्स पूरा करवाने की जिम्मेदारी रोगी के परिवार के सदस्यों एवं स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों की भी होती हैं।

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साथ ही कार्यक्रम के सफलता को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया जिसमें डॉ उमेश कुमार, डॉ विकास कुमार, डॉ श्रीचंद पंडित, डॉ अर्जुन कुमार, बीएचएम दिलीप कुमार, लेखापाल आलोक कुमार, बीसीएम सुरेश कुमार सुमन, नूरजहाँ खातून, पिरामल स्वास्थ्य के बिटीओ शशिभूषण कुमार, एसटीएलएम गणेश कुमार, केयर के बीएम अभिमन्यु कुमार, यूनिसेफ के बीएमसी आलोक कुमार, एलटी अरुण कुमार, एएनएम संगीता कुमारी सहित अन्य कर्मियों ने भाग लिया।

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