मिथिला के पर्यटन स्थलों का नही हो रहा विकास, एनडीए सरकार कर रही है उपेक्षा

हरलाखी : बिहार की एनडीए सरकार पर मिथिला क्षेत्र के पर्यटन स्थलों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए मिथिला लोकतांत्रिक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज झा ने कहा है कि मिथिला क्षेत्र में एतिहासिक रुप से मौजूद कई पर्यटन स्थल है। बावजूद मिथिला क्षेत्र के पार्यटनिक विकास की लगातार अनदेखी करना निराशाजनक है। जबकि बिहार के मुख्यमंत्री कई वर्षों से लगातार इस बात को दोहराते आ रहे हैं कि मिथिला के विकास के बिना बिहार का विकास अधूरा है।

मोर्चा के अध्यक्ष ने कहा कि मिथिला क्षेत्र का संबंध रामायण काल से रहा है इस बात को तमाम सनातनी ग्रन्थ भी व्याख्या करती है। मिथिला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर जिसके साक्ष्य आज भी हैं। मिथिला माता जानकी के नाम से विश्व प्रसिद्ध होने के बावजूद से सीताजन्मस्थली, अहिल्यास्थान, गौतमकुंड, सीता फुलवारी फुलहर, गिरजा मंदिर, विश्वामित्र आश्रम विशौल, श्रृंगीऋषि आश्रम, यज्ञावलक्य तपोभूमि जगवन, सीताकुंड मुंगेर समेत दर्जनों महत्वपूर्ण रामायण कालीन पर्यटन अपने उद्धारक की बाट जोह रही है।

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मिथिला के विकास की बात आते ही सरकारी योजनाओं को नालंदा और गया मोड में चला जाना मिथिला नगरी की घनघोर उपेक्षा है। जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

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