दी रहिका सेंट्रल को-आपरेटिव बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक और कोषपाल पर वित्तीय अनियमितता की प्राथमिकी दर्ज

बेनीपट्टी : मुख्यालय स्थित दी रहिका सेंट्रल को-आपरेटिव बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक अजय कुमार मिश्रा एवं कोषपाल नरेंद्र झा के खिलाफ वित्तीय अनियमितता को लेकर बैंक के वर्तमान शाखा प्रबंधक श्याम कुमार ने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बेनीपट्टी थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है.

विभाग से प्राप्त सूचना एवं दी रहिका सेन्ट्रल को-आपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक के निर्देश पर संयुक्त निबंधक दरभंगा प्रमंडल, जिला सहकारिता पदाधिकारी व जिला अंकेक्षण पदाधिकारी के द्वारा महम्मदपुर पंचायत पैक्स के केसीसी ऋण वितरण में की गयी अनियमितता की जांच के बाद वर्तमान शाखा प्रबंधक श्याम कुमार ने पूर्व शाखा प्रबंधक एवं खजांची के खिलाफ वित्तीय अनियमितता करने के आरोप में थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. जिसमें वर्तमान शाखा प्रबंधक ने कहा है कि बेनीपट्टी प्रखंड के महम्मदपुर पंचायत पैक्स के केसीसी ऋण वितरण में की गयी अनियमितता की गहन जांच की गयी. देवपुरा गांव के किसानों से स्थल सत्यापन के दौरान प्राप्त बयान और केसीसी ऋण वितरण की जांच में अनियमितता पायी गयी है.

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उल्लेखित है कि विगत वर्ष 2009 से 2014 तक आरोपित प्रबंधक अजय कुमार मिश्रा बेनीपट्टी स्थित इस बैंक की शाखा में बतौर प्रबंधक एवं नरेंद्र झा कोषपाल के पद पर पदस्थापित थे. जांच में केसीसी ऋण वितरण से संबंधित अभिलेख का संधारण में कई गड़बड़ियां उजागर हुई है. कई ऋण प्रपत्र पूर्णतया भरा हुआ नहीं पाया गया है और वर्ष 2009 से 2019 तक बेतरतीब तरीके से बुक बाइडिंग भी करायी गयी है. जिससे केसीसी ऋण की जांच प्रभावित रही और जांच नहीं हो सकी. वहीं फिनाकल आधारित सूचि के अनुसार क्रमांक 1 से 148 तक ऋणी सदस्यों के पास 27 अप्रैल 2013 तक 3876396.03 लाख रुपये और क्रमांक 149 से 246 तक 3038034.51 लाख रुपये का केसीसी ऋण बकाया है. बड़े पैमाने पर किसानों के बीच ऋण वितरण का अभिलेख शाखा में संधारण नहीं पाया जाना स्पष्ट रूप से वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है और इसमें पूर्व शाखा प्रबंधक अजय कुमार मिश्रा एवं कोषपाल नरेंद्र झा की भूमिका महत्वपूर्ण है.

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इस बाबत पूछे जाने पर पुलिस निरीक्षक सह बेनीपट्टी एसएचओ महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गयी है. गौरतलब हो कि पूर्व में भी उपभोक्ताओं की शिकायत पर वितीय अनियमितता के आरोप में ही प्रबंधक श्री मिश्रा जेल जा चुके हैं और इन दिनों जमानत पर बाहर बताये जा रहे हैं.

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