नहर निर्माण में लिए गए निजी जमीन के किस्म का जिला भूअर्जन पदाधिकारी ने किया जांच

हरलाखी : प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत जिरौल नकटा टोल स्थित कोशी नहर परियोजना बेनीपट्टी के तहत साहरघाट शाखा नहर में स्थानीय लोगों से लिए गए जमीन के किस्म का जांच करने जिला स्तरीय छह सदस्यीय टीम पहुंची। टीम का नेतृत्व जिला भूअर्जन पदाधिकारी मो. राजिक कर रहे थे। टीम में बेनीपट्टी डीसीएलआर शिव कुमार पंडित, जल संसाधन विभाग बेनीपट्टी के कार्यपालक अभियंता मो. आरिफ अहमद, सहायक अभियंता अखिलेश कुमार व स्थानीय सीओ सौरभ कुमार सहित कई अधिकारी शामिल थे।

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मामला 1989 ईश्वी से चल रहा है। जब कोशी नहर परियोजना बेनीपट्टी के तहत साहरघाट शाखा नहर का निर्माण किया गया। नहर निर्माण में स्थानीय किसानो की जमीन ली गई। निर्माण काल से स्थानीय किसान मुआवजा के लिए कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन अब तक 8 किसानो को मुआवजा नहीं मिला। मुआवजा नहीं मिलने का कारण जमीन का किस्म है। स्थानीय भूस्वामी आवासीय जमीन के मुआवजे की मांग कर रहे है।

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लेकिन जल संसाधन विभाग कृषि जमीन की मुआवजा देने की बात कह रहे है। जमीन के किस्म की जांच करने जिला स्तरीय टीम जिरौल गांव के नकटा टोल स्थित नहर पर पहुंची। स्थल पर पहुंचकर टीम ने स्लेट पर खेसरा नंबर और नाम लिखकर सभी भूस्वामी को बारी-बारी से अपने-अपने जमीन पर खड़ाकर जांच किया। जिसमे 8 किसान का सत्यापन किया गया। इस दौरान जिला भूअर्जन पदाधिकारी ने बताया कि मुआवजा जल संसाधन विभाग को देना है। हमलोगों के द्वारा जमीन का किस्म तय किया जायेगा। जिसके लिए सभी जानकारी ले ली गई है।

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उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट जल्द जल संसाधन विभाग को भेज दी जायेगी। जिसके आधार पर मुआवजा दिया जायेगा। मौके पर शिवजी ठाकुर, सुशील ठाकुर, पवन कुमार यादव, अनिरुद्ध यादव, ललन कुमार यादव, रामबोध साह, बलराम यादव व सुशील कुमार यादव सहित कई भूस्वामी मौजूद थे।

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