प्राथमिक स्कूल खोलने के निर्णय से बच्चों और अभिवावको मे खुशी ,लम्बे अरसे बाद होगी पढाई

अंजुम की रिपोर्ट

बिहार मे लम्बे अरसे व कोरोना महामारी के बाद प्राथमिक स्कूल के बच्चों का अब मार्च में खुल जाएगा।बच्चो का पढन पाठन पुरी तरह से धिमा हो गया था।स्कुलो में अब ससमय संचालन किया जाएगा बता दे की 13 मार्च 2020 के बाद पहली से पांचवीं तक के सभी स्कूल मार्च के पहले हफ्ते में खुलेंगे।

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सरकार के इस फैसले जिले के निजी स्कूल संचालकों व प्रिसिंपल ने स्वागत किया है। मालूम हो कि पहली से पांचवीं तक के स्कूलों को भी सशर्त खोलने की अनुमति दी गई है।वर्ग 9 वीं से 12 वीं तक 4 जनवरी से जबकि 6 से 8 तक का वर्ग संचालन 8 फरवरी से शुरू हो गया है। स्कूल और कक्षा में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का प्रयोग अनिवार्य रहेगा। एक दिन में 50 प्रतिशत बच्चे ही स्कूल आएंगे। अगले दिन शेष 50 प्रतिशत बच्चे स्कूल आएंगे। स्कूल प्रशासन कोरोना से बचाव के गाइडलाइन के अनुसार सभी शर्तों का पालन सुनिश्चित कराएंगे। वहीं सरकारी स्कूल के बच्चों को दो-दो मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे।

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साथ में यह भी कहा गया है कि स्कूल खुलने के 15 दिनों बाद आपदा प्रबंधन समूह की बैठक होगी और राज्य भर के स्कूलों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। जिलों से रिपोर्ट ली जाएगी। फिर आगे क्या करना है, इस पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि समाचार लिखे जाने तक जिले से इस संबंध में कोई आदेश नहीं निकला है।

इस फैसले से बच्चों की गुणवत्ता शिक्षा में भी तेजी आएगी क्योंकि कोरोना की वजह से एक साल से प्राइमरी स्कूल बंद है। उन्होंने कहा कि स्कूल की पढाई से बच्चों का सर्वागीण विकास होता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ जाएगी।

बताते चले की पीछले एक साल से स्कूल बंद रहने के कारण शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मियों को भुगतान देना, स्कूलों के भवन का भाड़ा देना सहित कई परेशानियों से जूझना पड़ा है। उन्होंने स्कूल खोलने संबंधी आदेश का स्वागत किया है।

बच्चे की उपस्थिति पर हो सकता है असर
बच्चों की शिक्षा जो कोरोना की वजह से बाधित हो गई थी फिर से पटरी पर लौट जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल खुलने के बाद छात्र छात्राएं की संख्या किसी स्कूल में बढेंगी तो किसी स्कूल में घटेगी। साथ ही उन्होंने सभी स्कूल संचालकों से नियमों का पालन करने की भी अपील किया।स्कूलों का संचालक का कहना है की वर्तमान में भी हम लोग वर्ग 6 व 8 तक के वर्ग संचालन में स्कूल में कोविड के नियमों का पालन कर रहे हैं। स्कूल खोलने से बच्चों के शैक्षणिक गुणवत्ता में बढोत्तरी होगी। क्योंकि स्कूल की पढाई का व्यापक असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि हमलोगों भी जिम्मेवारी अब अधिक हो गई है।

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