नये कृषि कानून के खिलाफ कांग्रेस ने निकाला पैदल मार्च

केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ की जमकर नारेबाजी

नये कृषि कानून वापस लेने की मांग की

फोटो:- बेनीपट्टी में पैदल मार्च निकालते कांग्रेस कार्यकर्ता

बेनीपट्टी : प्रखंड कांग्रेस कार्यालय परिसर से शनिवार को कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रो. शीतलाम्बर झा के नेतृत्व में नये कृषि कानून के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला. यह मार्च कांग्रेस कार्यालय परिसर से चलकर उच्चैठ छिन्नमस्तिका मंदिर तक पहुंचा और नये कृषि कानून के बारे में लोगों को जानकारी दी.

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इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रो. झा ने कहा कि केंद्र सरकार की किसान विरोधी बील किसानों पर बज्रपात के समान हो जायेगा. इस काले कानून के जरिये नरेंद्र मोदी की सरकार किसानों से जमीन छीनने की साजिश रच रही है, जिससे उक्त जमीन को वे अपने पूंजीपत्ति मित्रों के हवाले करने कर उन्हें खुश कर सकें. देश की सत्तर फीसदी आबादी वाला किसान वर्ग बदहाली के शिकार हैं, जिनके कर्ज को माफ कर राहत देने की जरूरत थी.

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लेकिन मोदी सरकार ने किसानों के बजाय पूंजीपत्ति वाले मित्रों को कर्ज माफ करने का काम किया. देश को रोटी खिलानेवाले के मूंह से निबाला छीनने का काम बंद नही हुआ तो अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी चरणवद्ध आंदोलन को बाध्य होगी. वहीं अन्य वक्ताओं ने कहा कि सरकार को किसानों की माली हालत सुधारने और उनके घर में खुशहाली लाने के लिये व्यापक हितकारी नीति बनायें. कृषि हमारे देश की तमाम अर्थव्यवस्थाओं में अहम है. किसानों पर कुठाराघात नही होने दिया जायेगा.

तकरीबन 4 किलोमीटर लंबे पदयात्रा में विभिन्न चौक चौराहे पर कार्यकर्ताओं की टोली आमजनों को नये कृषि कानून से होनेवाले प्रभाव से अवगत कराया और किसानों के हित में आवाज बुलंद करने को प्रेरित भी किया. पदयात्रा में पदयात्रा में वैद्यनाथ झा, मनोज कुमार मिश्र, ज्योति झा, ललन झा, अजय राय, शिवनाथ ठाकुर, कालिशचंद्र झा कन्हैया, विनय झा, विजय यादव, ललन चौधरी, गोरख झा, शिवचंद्र झा, सुधीर झा, मो. जुबेर व बिलटू मिश्र सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल थे.

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