BENIPATTI : 2.90 करोड़ की लागत से जमींदारी बांध की होगी मजबूतीकरण

बाढ़ से बचाव के लिये बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल झंझारपुर एक के द्वारा गेंहू की कटाई के बाद होगा शुरू

पाली, नजरा, मेघवन, सोहरौल, करहारा और अग्रोपट्टी में बाढ़ को किया जायेगा मजबूत

बेनीपट्टी : प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा को लेकर बने जमींदारी बांध का निर्माण करोड़ो रूपये से किया जाएगा। जिसकी लागत 2.90 करोड़ रुपये है। विभाग द्वारा बीते दिसंबर महीने में ही मजबूतीकरण की हरी झंडी मिल गयी है। लेकिन अभी अधिकांश खेतों में गेहूं की फसलें लगी हुई है। इसलिये गेंहू की फसल कटते ही मरम्मति का कार्य शुरू कर दिया जायेगा।

ADVERTISEMENT

यह कार्य बाढ़ से बचाव को लेकर वर्षा आगमन से पूर्व ही संपन्न कर लिया जायेगा, ताकि मजबूत बांध बाढ़ के पानी का दबाब झेल सके और गांव की सुरक्षा करने में सक्षम हो। मिली जानकारी के अनुसार मजबूतीकरण का यह कार्य प्रखंड के पाली, मेघवन, नजरा, करहरा, सोहरौल और अग्रोपट्टी स्थित जमींदारी बांध की होगी। जिसे गेहूं फसल कट जाने के बाद शुरू की जायेगी और बरसात पूर्व समाप्त कर ली जाएगी। बांध मजबूतीकरण के प्रस्ताव की स्वीकृति का काम बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के बाढ नियंत्रण प्रमंडल एक झंझारपुर के द्वारा किया जायेगा। इसकी स्वीकृति के लिये पिछले साल आयी बाढ के समय विभागीय इंजीनियरों के साथ सर्वे कर प्रस्ताव भेजा गया था। यह काम पिछले साल आयी बाढ़ के पानी का भारी दबाब और कमजोर बांध के स्थानों को देखते हुए स्थानीय लोगों की मांग पर किया जायेगा।

ADVERTISEMENT

तब सामाजिक कार्यकर्ता विनोद शंकर झा लड्डू सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रात दिन एक कर अग्रोपट्टी स्कूल से शिवनगर जीरो, नजरा यादव टोला, पाली गोट और सरवनमा मोर स्थित बेहद नाजूक स्थिति में पहुंच चुके है बांध को बम्बो पाइलिंग सहित अन्य तकनीकी के जरिये बांध को टूटने से बचाया था और मजबूतीकरण की आवश्यकता जतायी थी।

ADVERTISEMENT

उस स्थिति को देखते हुए मजबूतीकरण का प्रस्ताव भेजा गया था। गौरतलब हो कि बेनीपट्टी प्रखंड क्षेत्र में करीब 20 किलोमीटर की दूरी में बने इस बांध को लंबे समय से मजबूतीकरण के दिशा में कोई काम नही किया जा सका है, जिससे हर साल पश्चिमी इलाके के डेढ़ दर्जन गांव के लाखों लोगों को बाढ़ की विनाशलीला का कहर झेलना पड़ता है। इस विनाशलीला में व्यापक पैमाने पर जान माल की भी क्षति होती रही है और लोगों को महीनों तक छोटे-छोटे बच्चों के साथ सड़कों पर तंबू तानकर गुजारा करने की नौबत बनी रहती है। बिहार के राज्यपाल के आदेश से सरकार के संयुक्त सचिव अरुण कुमार द्विवेदी ने लेखा एवं हक बिहार के महालेखाकार को उक्त आशय का पत्र भेजकर इस योजना पर होनेवाले व्यय एवं व्यय का विकलन हेतु अनुसंशा व स्वीकृति की पुष्टि कर दी है। पत्र में स्पष्ठ उल्लेख है कि उक्त योजना की राशि की निकासी और व्ययन पदाधिकारी बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल एक झंझारपुर के कार्यपालक अभियंता होंगे और नियंत्री पदाधिकारी जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव होंगे। साथ ही उक्त मद की राशि की निकासी भी कोषागार झंझारपुर से ही की जायेगी।

ADVERTISEMENT

जिसके लिये अलग से प्राधिकार पत्र प्राप्त करने की आवश्यकता नही होगी और 15 मई तक हर पूरा कर लेने की समय सीमा निर्धारित की गयी है। उधर मरम्मति की स्वीकृति मिलते ही प्रखंड के पश्चिमी इलाकों के लोगों में हर्ष व्याप्त है।

Leave a Reply

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: